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मंत्र संग्रह: वार, देवता और नवग्रह के मंत्र
हर मंत्र के साथ सरल अर्थ, लाभ, जाप की विधि और उसी मंत्र की जप माला।
रविवार, 1 नवंबर 2026 (आज) · सूर्य देव के मंत्र
सूर्य मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ घृणि सूर्याय नमः ।
सूर्य बीज मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।
सूर्य गायत्री मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि ।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
सूर्य अर्घ्य मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते ।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
माँ दुर्गा के मंत्र (अहोई अष्टमी के विशेष मंत्र)
दुर्गा मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ दुं दुर्गायै नमः ।
नवार्ण मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।
वार के हिसाब से
रविवार (आज)सूर्य देवसोमवारभगवान शिव, चंद्र देवमंगलवारहनुमान जी, मंगल देवबुधवारश्री गणेश, बुध देवगुरुवारभगवान विष्णु, बृहस्पति देवशुक्रवारमाँ लक्ष्मी, माँ दुर्गा, शुक्र देवशनिवारशनि देव, हनुमान जी, राहु, केतु
देवता के हिसाब से
ॐसूर्य देव के मंत्र6 मंत्र · रविवार
भगवान शिव के मंत्र5 मंत्र · सोमवार
हनुमान जी के मंत्र5 मंत्र · मंगलवार और शनिवार
श्री गणेश के मंत्र4 मंत्र · बुधवार
भगवान विष्णु के मंत्र5 मंत्र · गुरुवार
माँ लक्ष्मी के मंत्र4 मंत्र · शुक्रवार
माँ दुर्गा के मंत्र4 मंत्र · शुक्रवारॐशनि देव के मंत्र4 मंत्र · शनिवार
श्री कृष्ण के मंत्र3 मंत्र · बुधवार
श्री राम के मंत्र4 मंत्र · मंगलवारॐमाँ सरस्वती के मंत्र2 मंत्र · बुधवार
भगवान शिव के मंत्र5 मंत्र · सोमवार
हनुमान जी के मंत्र5 मंत्र · मंगलवार और शनिवार
श्री गणेश के मंत्र4 मंत्र · बुधवार
भगवान विष्णु के मंत्र5 मंत्र · गुरुवार
माँ लक्ष्मी के मंत्र4 मंत्र · शुक्रवार
माँ दुर्गा के मंत्र4 मंत्र · शुक्रवारॐशनि देव के मंत्र4 मंत्र · शनिवार
श्री कृष्ण के मंत्र3 मंत्र · बुधवार
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