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मंगल देव के मंत्र
मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा, भूमि और भाई के कारक माने जाते हैं। मंगलवार उनका दिन है। मंगल दोष की शांति के लिए हनुमान जी की पूजा के साथ मंगल मंत्र का जाप किया जाता है।
मंगल बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ।
अर्थ: क्रां, क्रीं, क्रौं मंगल के बीज अक्षर हैं; पृथ्वी पुत्र (भौम) मंगल को नमस्कार।
मंगल मूल मंत्र
ॐ अं अङ्गारकाय नमः ।
अर्थ: "अंगारक" यानी अंगारे जैसे लाल मंगल देव को नमस्कार।
