मंगल बीज मंत्र
मंगल देव · मंगलवार
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ।
Om kram krim kraum sah bhaumaya namah |
अर्थ
क्रां, क्रीं, क्रौं मंगल के बीज अक्षर हैं; पृथ्वी पुत्र (भौम) मंगल को नमस्कार।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
मांगलिक दोष या कुंडली में मंगल कमज़ोर हो तो इसे 10,000 बार जपने की परंपरा है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; लाल रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- दक्षिण दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और मंगल देव का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; मंगलवार को इसका विशेष महत्व है।
- ग्रह शांति के संकल्प में यह जाप कुल 10,000 बार (लगभग 93 माला) कई दिनों में पूरा किया जाता है।
- जाप के बाद मसूर की दाल जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
मंगल बीज मंत्र कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से मंगलवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
मंगल बीज मंत्र कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार। ग्रह शांति के संकल्प में कुल 10,000 जाप कई दिनों में पूरे किए जाते हैं।
मंगल बीज मंत्र का अर्थ क्या है?
क्रां, क्रीं, क्रौं मंगल के बीज अक्षर हैं; पृथ्वी पुत्र (भौम) मंगल को नमस्कार।
