श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:24 PMIST
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मंगलवार: हनुमान जी, मंगल देव की पूजा, मंत्र और व्रत कथा

मंगलवार हनुमान जी और मंगल ग्रह का दिन है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा से साहस बढ़ता है और मंगल दोष शांत होता है।

देवताहनुमान जी, मंगल देव
शुभ रंगलाल, केसरिया
दानगुड़, चना, लाल वस्त्र, सिंदूर

मंगलवार के मंत्र

हनुमान जी

हनुमान मूल मंत्र

ॐ हं हनुमते नमः ।

अर्थ: "हं" हनुमान जी का बीज अक्षर है; इसके साथ हनुमान जी को नमस्कार।

हनुमान गायत्री मंत्र

ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि ।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥

अर्थ: हम अंजनी पुत्र को जानें, पवन पुत्र का ध्यान करें; वे हनुमान जी हमें प्रेरणा दें।

मनोजवं (हनुमान वंदना)

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥

अर्थ: जो मन जैसे तेज़ और पवन जैसे वेगवान हैं, जिन्होंने इंद्रियों को जीत लिया है, जो बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं, पवन के पुत्र, वानर सेना के प्रमुख, श्री राम के दूत, मैं उनकी शरण लेता हूँ।

हनुमान जी के सभी 5 मंत्र →

मंगल देव

मंगल बीज मंत्र

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ।

अर्थ: क्रां, क्रीं, क्रौं मंगल के बीज अक्षर हैं; पृथ्वी पुत्र (भौम) मंगल को नमस्कार।

मंगल मूल मंत्र

ॐ अं अङ्गारकाय नमः ।

अर्थ: "अंगारक" यानी अंगारे जैसे लाल मंगल देव को नमस्कार।

मंगलवार की पूजा विधि

  1. स्नान करके लाल वस्त्र पहनें।
  2. हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चने का भोग चढ़ाएँ।
  3. घी या चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड पढ़ें।
  4. हनुमान मंत्र का जाप करें और आरती करें।
  5. व्रत रखें तो शाम को मीठा भोजन (बिना नमक) करके व्रत खोलें।

क्या करें

  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • लाल वस्त्र, गुड़ और मसूर की दाल का दान करें।
  • भाई और छोटे भाई-बहनों से अच्छा व्यवहार रखें; मंगल के लिए यह शुभ माना जाता है।

क्या न करें

  • परंपरा में मंगलवार को नमक, मांस और शराब से परहेज़ किया जाता है।
  • इस दिन कर्ज़ लेने, बाल-नाखून काटने से बचने की परंपरा है।

मंगलवार व्रत कथा

एक गाँव में एक ब्राह्मण दंपती रहते थे, जिनके कोई संतान नहीं थी। ब्राह्मणी हर मंगलवार हनुमान जी का व्रत रखती और भोग लगाकर ही भोजन करती थी।

एक मंगलवार वह किसी कारण भोग नहीं बना सकी। उसने प्रण किया कि अब अगले मंगलवार भोग लगाकर ही अन्न लेगी। छह दिन भूखी-प्यासी रहकर सातवें दिन वह बेहोश हो गई।

उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर हनुमान जी ने दर्शन दिए और उसे एक सुंदर बालक दिया। ब्राह्मणी ने उसका नाम मंगल रखा। पर ब्राह्मण को शक हुआ कि यह बालक कहाँ से आया, और एक दिन उसने बालक को कुएँ में डाल दिया।

घर लौटकर उसने देखा कि बालक हँसता हुआ माँ के पास बैठा है। उसी रात हनुमान जी ने स्वप्न में बताया कि यह बालक उन्हीं की कृपा से मिला है। ब्राह्मण ने क्षमा माँगी, और उसके बाद दोनों पति-पत्नी श्रद्धा से मंगलवार का व्रत करने लगे।

यह पारंपरिक लोक कथा का रामकृपा द्वारा अपने शब्दों में लिखा सार है।

सवाल-जवाब

मंगलवार को किस भगवान की पूजा होती है?

मंगलवार हनुमान जी और मंगल ग्रह का दिन है। इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ विशेष माना जाता है।

मंगलवार व्रत कितने करने चाहिए?

परंपरा में 21 या 45 मंगलवार का संकल्प लिया जाता है, जिसके बाद उद्यापन किया जाता है।

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