बुधवार: श्री गणेश, बुध देव की पूजा, मंत्र और व्रत कथा
बुधवार श्री गणेश और बुध ग्रह का दिन है। बुद्धि, वाणी और व्यापार के लिए यह दिन शुभ माना जाता है।
बुधवार के मंत्र
श्री गणेश
गणेश मूल मंत्र
अर्थ: "गं" गणेश जी का बीज अक्षर है; गणों के स्वामी गणपति को नमस्कार।
वक्रतुण्ड महाकाय
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
अर्थ: हे टेढ़ी सूँड़ वाले, विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों जैसे तेज वाले गणेश जी! मेरे सब कामों को हमेशा बिना विघ्न के पूरा करें।
गणेश गायत्री मंत्र
तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
अर्थ: हम एक दाँत वाले गणेश जी को जानें, टेढ़ी सूँड़ वाले का ध्यान करें; वे दंती (गणेश जी) हमें प्रेरित करें।
बुध देव
बुध बीज मंत्र
अर्थ: ब्रां, ब्रीं, ब्रौं बुध के बीज अक्षर हैं; इनके साथ बुध देव को नमस्कार।
बुध मूल मंत्र
अर्थ: "बुं" बुध का बीज अक्षर है; बुध देव को नमस्कार।
बुधवार की पूजा विधि
- स्नान करके हरे या साफ़ वस्त्र पहनें।
- गणेश जी को दूर्वा (21 गाँठ), लाल फूल, सिंदूर और मोदक या लड्डू अर्पित करें।
- "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप और गणेश चालीसा का पाठ करें।
- गणेश आरती करके प्रसाद बाँटें।
- हरी मूँग या हरी सब्ज़ी का दान करें।
क्या करें
- गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएँ।
- हरी मूँग का दान करें।
- वाणी में मिठास रखें; बुध के लिए यह शुभ माना जाता है।
क्या न करें
- गणेश पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती।
- परंपरा में बुधवार को किसी को उधार देने से बचने की सलाह दी जाती है।
बुधवार व्रत कथा
एक व्यक्ति अपनी पत्नी को ससुराल से विदा कराने गया। विदाई बुधवार को होनी थी, और सबने कहा कि बुधवार को यात्रा अशुभ होती है, पर वह नहीं माना और पत्नी को लेकर चल पड़ा।
रास्ते में पत्नी को प्यास लगी, तो वह पानी लेने चला गया। लौटकर उसने देखा कि उसी के जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति उसकी पत्नी के पास बैठा है और पत्नी उसे ही अपना पति समझ रही है।
दोनों में झगड़ा हो गया। राजा के सिपाही आए, पर कोई तय नहीं कर पाया कि असली पति कौन है, क्योंकि दोनों बिल्कुल एक जैसे थे। तब उस व्यक्ति ने मन ही मन बुध देव से प्रार्थना की और अपनी ज़िद के लिए क्षमा माँगी।
उसी क्षण दूसरा व्यक्ति अंतर्धान हो गया; वे स्वयं बुध देव थे। पति-पत्नी कुशल से घर पहुँचे, और उसके बाद वे नियम से बुधवार का व्रत करने लगे।
यह पारंपरिक लोक कथा का रामकृपा द्वारा अपने शब्दों में लिखा सार है।
सवाल-जवाब
बुधवार को किस भगवान की पूजा होती है?
बुधवार श्री गणेश और बुध ग्रह का दिन है। इस दिन गणेश जी को दूर्वा और मोदक चढ़ाए जाते हैं।
बुधवार व्रत क्यों रखते हैं?
परंपरा में बुद्धि, वाणी, व्यापार में उन्नति और कुंडली में बुध की शांति के लिए बुधवार व्रत रखा जाता है।
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