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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:42 PMIST
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बुध बीज मंत्र

बुध देव · बुधवार

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ।

Om bram brim braum sah budhaya namah |

अर्थ

ब्रां, ब्रीं, ब्रौं बुध के बीज अक्षर हैं; इनके साथ बुध देव को नमस्कार।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

पढ़ाई, वाणी और व्यापार में रुकावट हो तो इसे 9,000 बार जपने की परंपरा है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; हरा रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. उत्तर दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और बुध देव का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; बुधवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. ग्रह शांति के संकल्प में यह जाप कुल 9,000 बार (लगभग 84 माला) कई दिनों में पूरा किया जाता है।
  6. जाप के बाद हरी मूँग जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

बुध बीज मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से बुधवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

बुध बीज मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार। ग्रह शांति के संकल्प में कुल 9,000 जाप कई दिनों में पूरे किए जाते हैं।

बुध बीज मंत्र का अर्थ क्या है?

ब्रां, ब्रीं, ब्रौं बुध के बीज अक्षर हैं; इनके साथ बुध देव को नमस्कार।

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