श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:32:56 PMIST
रामकृपासनातन भक्ति का संपूर्ण संग्रह

नवग्रह मंत्र: बीज मंत्र, जाप संख्या, दिन और दान

सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु: हर ग्रह का बीज मंत्र, पौराणिक श्लोक, दिन, रंग, दिशा, दान और शांति के लिए जाप संख्या।

नवग्रह शांति मंत्र (सभी ग्रहों के लिए)

ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च ।
गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु ॥

अर्थ: ब्रह्मा, विष्णु (मुरारि), शिव (त्रिपुरांतक), सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु, ये सभी ग्रह और देवता मेरे लिए शांति देने वाले हों।

📿 इसका जाप करें
ग्रहबीज मंत्रदिन, रंग, दिशाजाप संख्यादान
सूर्य देवॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।रविवार
लाल, केसरिया · पूर्व
7,000गेहूँ, गुड़, ताँबा, लाल वस्त्र, लाल चंदन
चंद्र देवॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः ।सोमवार
सफ़ेद · उत्तर-पश्चिम
11,000चावल, दूध, चाँदी, सफ़ेद वस्त्र, मिश्री
मंगल देवॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ।मंगलवार
लाल · दक्षिण
10,000मसूर की दाल, लाल वस्त्र, गुड़, ताँबा
बुध देवॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ।बुधवार
हरा · उत्तर
9,000हरी मूँग, हरे वस्त्र, हरी सब्ज़ियाँ, काँसा
बृहस्पति देवॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः ।गुरुवार
पीला · उत्तर-पूर्व
19,000चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केसर, किताबें
शुक्र देवॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः ।शुक्रवार
सफ़ेद, हल्का गुलाबी · दक्षिण-पूर्व
16,000चावल, घी, सफ़ेद वस्त्र, इत्र, चीनी
शनि देवॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ।शनिवार
काला, गहरा नीला · पश्चिम
23,000काले तिल, उड़द, सरसों का तेल, लोहा, कंबल
राहुॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः ।शनिवार
नीला, धूसर · दक्षिण-पश्चिम
18,000नारियल, काले तिल, नीला वस्त्र, सरसों
केतुॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः ।शनिवार
धूसर, चितकबरा · दक्षिण-पश्चिम
17,000कंबल, सप्तधान्य, काले-सफ़ेद तिल

जाप संख्या ग्रह शांति के पारंपरिक संकल्प की है (हर ग्रह की विंशोत्तरी दशा के वर्षों × 1,000), जो कई दिनों में पूरी की जाती है। रोज़ के लिए एक माला (108) काफ़ी है। अपनी कुंडली के अनुसार किसी योग्य पंडित से सलाह लें।