परिचय
ऋग्वेद का मंत्र, जो सविता (सूर्य) देव को समर्पित है। इसे वैदिक परंपरा के सबसे पवित्र मंत्रों में गिना जाता है।
महत्व
सुबह और संध्या के समय इसका जाप करने की परंपरा है।
पाठ विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और सूर्य देव के चित्र या मूर्ति के सामने बैठें।
- घी का दीपक और धूप जलाएँ, फूल और भोग अर्पित करें।
- पहले श्री गणेश का स्मरण करें, फिर शांत मन से, स्पष्ट उच्चारण के साथ पूरा पाठ करें।
- पाठ के बाद सूर्य देव का मंत्र या आरती करके प्रसाद बाँटें।
- चाहें तो 11, 21 या 40 दिन का संकल्प लेकर रोज़ पढ़ें।
