श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:23 PMIST
रामकृपासनातन भक्ति का संपूर्ण संग्रह

रविवार: सूर्य देव की पूजा, मंत्र और व्रत कथा

आज

रविवार सूर्य देव का दिन है। सूर्य प्रत्यक्ष दिखने वाले देवता हैं, जो जीवन, प्रकाश और ऊर्जा देते हैं।

देवतासूर्य देव
शुभ रंगलाल, केसरिया
दानगेहूँ, गुड़, ताँबा, लाल वस्त्र, लाल चंदन

रविवार के मंत्र

सूर्य देव

सूर्य मूल मंत्र

ॐ घृणि सूर्याय नमः ।

अर्थ: "घृणि" यानी प्रकाश की किरणों वाले सूर्य देव को नमस्कार।

सूर्य बीज मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।

अर्थ: ह्रां, ह्रीं, ह्रौं सूर्य के बीज अक्षर हैं; इनके साथ सूर्य देव को नमस्कार।

सूर्य गायत्री मंत्र

ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि ।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥

अर्थ: हम अदिति के पुत्र आदित्य को जानें, प्रकाश देने वाले प्रभाकर का ध्यान करें; वे सूर्य देव हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।

सूर्य देव के सभी 6 मंत्र →

रविवार की पूजा विधि

  1. सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  2. ताँबे के लोटे में जल, थोड़ा लाल चंदन, लाल फूल और अक्षत डालें।
  3. पूर्व दिशा में मुँह करके उगते सूर्य को धीरे-धीरे जल अर्पित करें, जल की धारा में से सूर्य को देखें और अर्घ्य मंत्र बोलें।
  4. सूर्य मंत्र का जाप करें; चाहें तो आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य चालीसा पढ़ें।
  5. गेहूँ, गुड़ या ताँबे की चीज़ का दान करें।

क्या करें

  • उगते सूर्य को अर्घ्य दें।
  • पिता और बड़ों का आदर करें, उनका आशीर्वाद लें।
  • गुड़ और गेहूँ का दान करें।

क्या न करें

  • परंपरा में रविवार को नमक कम या न खाने की सलाह दी जाती है (व्रत रखने वालों के लिए)।
  • इस दिन बाल कटवाने और तेल मालिश से परहेज़ की परंपरा है।

रविवार व्रत कथा

एक गाँव में एक बुढ़िया रहती थी, जो हर रविवार सुबह गोबर से आँगन लीपकर, सूर्य देव की पूजा करके, उन्हें भोग लगाकर ही भोजन करती थी। गोबर वह पड़ोसन की गाय का लाती थी।

बुढ़िया का घर सूर्य देव की कृपा से धन-धान्य से भरा रहने लगा। यह देखकर पड़ोसन जल गई और उसने अपनी गाय घर के अंदर बाँधनी शुरू कर दी, ताकि बुढ़िया को गोबर न मिले।

अगले रविवार बुढ़िया आँगन नहीं लीप सकी, इसलिए उसने भोग नहीं बनाया और दिन भर भूखी-प्यासी रही। उसी रात सूर्य देव ने स्वप्न में आकर उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे एक गाय और बछड़ा दिया, जो सोने का गोबर देती थी।

पड़ोसन ने चोरी से सोने का गोबर उठाना शुरू किया और राजा से शिकायत कर गाय भी छिनवा दी। पर राजा के महल में गाय ने बदबूदार गोबर से महल भर दिया। सूर्य देव ने राजा को स्वप्न में सच बताया, तो राजा ने गाय बुढ़िया को लौटा दी, पड़ोसन को दंड दिया और पूरे राज्य में रविवार व्रत करने का आदेश दिया।

यह पारंपरिक लोक कथा का रामकृपा द्वारा अपने शब्दों में लिखा सार है।

सवाल-जवाब

रविवार को किस भगवान की पूजा होती है?

रविवार सूर्य देव का दिन है। इस दिन सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित करके सूर्य मंत्र का जाप किया जाता है।

रविवार व्रत में क्या खाते हैं?

परंपरा में दिन में एक बार, सूर्यास्त से पहले, बिना नमक का भोजन किया जाता है; गेहूँ की रोटी या दलिया और गुड़ खाने की परंपरा है।

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