दुर्गा मूल मंत्र
माँ दुर्गा · शुक्रवार
ॐ दुं दुर्गायै नमः ।
Om dum durgayai namah |
अर्थ
"दुं" माँ दुर्गा का बीज अक्षर है; माँ दुर्गा को नमस्कार।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
भय और बाधाएँ दूर करने के लिए इसका जाप किया जाता है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; लाल रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और माँ दुर्गा का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; शुक्रवार को इसका विशेष महत्व है।
- रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
- जाप के बाद लाल चुनरी जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
दुर्गा मूल मंत्र कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से शुक्रवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
दुर्गा मूल मंत्र कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।
दुर्गा मूल मंत्र का अर्थ क्या है?
"दुं" माँ दुर्गा का बीज अक्षर है; माँ दुर्गा को नमस्कार।
