श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:34:07 PMIST
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नवदुर्गा स्तोत्रम्

माँ दुर्गा · स्तोत्र

स्तोत्र

नवदुर्गा स्तोत्रम्

माँ दुर्गा
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नवदुर्गा स्तोत्रम्
देवी शैलपुत्री

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ॥१॥

देवी ब्रह्मचारिणी

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ॥२॥

देवी चन्द्रघण्टा

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ॥३॥

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देवी शैलपुत्री

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ॥१॥

देवी ब्रह्मचारिणी

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ॥२॥

देवी चन्द्रघण्टा

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ॥३॥

देवी कूष्माण्डा

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥४॥

देवी स्कन्दमाता

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ॥५॥

देवी कात्यायनी

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ॥६॥

देवी कालरात्रि

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी ॥७॥

देवी महागौरी

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा ॥८॥

देवी सिद्धिदात्री

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी ॥९॥

🔤 Read in English (Roman lyrics)

Devi Shailaputri

vande vanchhitalabhaya chandrardhakritashekharam|
vrisharudham shuladharam shailaputrim yashasvinim ||1||

Devi Brahmacharini

dadhana karapadmabhyamakshamalakamandalu|
devi prasidatu mayi brahmacharinyanuttama ||2||

Devi Chandraghanta

pindajapravararudha chandakopastrakairyuta|
prasadam tanute mahyam chandraghanteti vishruta ||3||

Devi Kushmanda

surasampurnakalasham rudhiraplutameva cha|
dadhana hastapadmabhyam kushmanda shubhadastu me ||4||

Devi Skandamata

sinhasanagata nityam padmashritakaradvaya|
shubhadastu sada devi skandamata yashasvini ||5||

Devi Katyayani

chandrahasojjvalakara shardulavaravahana|
katyayani shubham dadyaddevi danavaghatini ||6||

Devi Kalaratri

ekaveni japakarnapura nagna kharasthita|
lamboshthi karnikakarni tailabhyaktasharirini|
vamapadollasallohalatakantakabhushana|
vardhanamurdhadhvaja krishna kalaratrirbhayankari ||7||

Devi Mahagauri

shvete vrishe samarudha shvetambaradhara shuchih|
mahagauri shubham dadyanmahadevapramodada ||8||

Devi Siddhidatri

siddhagandharvayakshadyairasurairamarairapi|
sevyamana sada bhuyat siddhida siddhidayini ||9||

यह पाठ देवनागरी से अपने आप रोमन अक्षरों में बदला गया है। सही उच्चारण के लिए देवनागरी पाठ को आधार मानें।

परिचय

नवरात्रि की नौ देवियों, शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, के ध्यान श्लोक।

महत्व

नवरात्रि में हर दिन उस दिन की देवी का श्लोक पढ़ा जाता है।

पाठ विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और माँ दुर्गा के चित्र या मूर्ति के सामने बैठें।
  2. घी का दीपक और धूप जलाएँ, फूल और भोग अर्पित करें।
  3. पहले श्री गणेश का स्मरण करें, फिर शांत मन से, स्पष्ट उच्चारण के साथ पूरा पाठ करें।
  4. पाठ के बाद माँ दुर्गा का मंत्र या आरती करके प्रसाद बाँटें।
  5. शुक्रवार को इस पाठ का विशेष महत्व माना जाता है; चाहें तो 11, 21 या 40 दिन का संकल्प लेकर रोज़ पढ़ें।