शारदीय नवरात्रि आरंभ
अगली बार: शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 (334 दिन बाद)
शारदीय नवरात्रि आरंभ 2027 kab hai? 1 October 2027, Friday (Shukravar).
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नौ दिन माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। पहले दिन घटस्थापना की जाती है।
नवरात्रि के नौ दिन: देवी और मंत्र
| 1वाँ दिन · माँ शैलपुत्री | ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः |
|---|---|
| 2वाँ दिन · माँ ब्रह्मचारिणी | ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः |
| 3वाँ दिन · माँ चंद्रघंटा | ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः |
| 4वाँ दिन · माँ कूष्मांडा | ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः |
| 5वाँ दिन · माँ स्कंदमाता | ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः |
| 6वाँ दिन · माँ कात्यायनी | ॐ देवी कात्यायन्यै नमः |
| 7वाँ दिन · माँ कालरात्रि | ॐ देवी कालरात्र्यै नमः |
| 8वाँ दिन · माँ महागौरी | ॐ देवी महागौर्यै नमः |
| 9वाँ दिन · माँ सिद्धिदात्री | ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः |
हर दिन उस देवी का मंत्र 108 बार (एक माला) जपने की परंपरा है।
नवरात्रि के मुख्य दिन: मुहूर्त और विधि
दुर्गा अष्टमीगुरुवार, 7 अक्टूबर 2027महा नवमीशुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027दशहरा (विजयादशमी)शनिवार, 9 अक्टूबर 2027दुर्गा विसर्जनरविवार, 10 अक्टूबर 2027शारदीय नवरात्रि आरंभ के वॉलपेपर और शुभकामना कार्ड
HD डाउनलोड करें या अपना नाम लगाकर WhatsApp स्टेटस के लिए कार्ड बनाएँ।
शारदीय नवरात्रि आरंभ के मंत्र
दुर्गा मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ दुं दुर्गायै नमः ।
नवार्ण मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये📿 जाप करेंअर्थ →
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
माँ दुर्गा की पूजा विधि
- स्नान करके साफ़ लाल या पीले वस्त्र पहनें।
- माँ की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएँ।
- लाल चुनरी, लाल फूल, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें।
- फल या हलवे का भोग लगाएँ।
- दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ करके आरती करें।
पूजा सामग्री
- लाल चुनरी
- लाल फूल / गुड़हल
- कुमकुम
- अक्षत
- नारियल
- घी का दीपक
- फल / हलवा
- कलश और आम के पत्ते
सवाल-जवाब
शारदीय नवरात्रि आरंभ 2027 कब है?
शारदीय नवरात्रि आरंभ 2027 में 1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को है।
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

