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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:13 PMIST
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महा नवमी

अगली बार: शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 (341 दिन बाद)

Maha Navami 2027 kab hai? 8 October 2027, Friday (Shukravar).

नवरात्रि की नवमी को माँ सिद्धिदात्री की पूजा और हवन किया जाता है।

शुभ मुहूर्त: शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027

नवमी तिथि6:28 AM से 9 अक्टूबर, 9:02 AM
तिथि का आरंभ और समाप्ति
हवन / नवमी पूजा6:28 AM से 5:59 PM
इसमें राहुकाल 10:41 AM से 12:08 PM छोड़ दें
नवमी तिथि रहते, दिन में
हवन (अगले दिन की सुबह)9 अक्टूबर: 6:18 AM से 9:02 AM
जिन परिवारों में नवमी की सुबह हवन होता है
नवरात्रि व्रत पारण9 अक्टूबर, 9:02 AM के बाद
नवमी तिथि ख़त्म होने के बाद
अभिजीत मुहूर्त11:45 AM से 12:32 PM
दिन का सबसे शुभ समय

इस समय पूजा शुरू न करें

राहुकाल10:41 AM से 12:08 PM
यमगंड3:04 PM से 4:32 PM

सूर्योदय 6:17 AM, सूर्यास्त 5:59 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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महा नवमी के मंत्र

दुर्गा मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ दुं दुर्गायै नमः ।
नवार्ण मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये📿 जाप करेंअर्थ →
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

माँ दुर्गा के सभी मंत्र →

नवमी पूजा और हवन की विधि

  1. सुबह स्नान करके माँ सिद्धिदात्री की पूजा करें: रोली, अक्षत, फूल, चुनरी अर्पित करके दीपक जलाएँ।
  2. हलवा, पूरी, चने और खीर का भोग लगाएँ। जिनके यहाँ नवमी को कन्या पूजन होता है, वे अष्टमी वाली विधि से कन्या पूजन करें।
  3. हवन कुंड में आम की लकड़ी रखकर कपूर से अग्नि जलाएँ।
  4. पहले श्री गणेश, फिर नवग्रह और फिर माँ दुर्गा के नाम से घी और हवन सामग्री की आहुति दें। सामान्य मंत्र: "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा" (11, 21 या 108 बार)।
  5. अंत में सूखे नारियल (गोले) में घी, सामग्री और कलावा भरकर पूर्णाहुति दें।
  6. हवन के बाद आरती करें, भूल-चूक के लिए क्षमा माँगें और प्रसाद बाँटें।
  7. नवरात्रि व्रत का पारण नवमी तिथि ख़त्म होने के बाद किया जाता है (कई परिवार दशमी की सुबह करते हैं)।

पूजा सामग्री

  • हवन कुंड
  • आम की लकड़ी
  • हवन सामग्री
  • शुद्ध घी
  • कपूर
  • सूखा नारियल (गोला)
  • जौ, काले तिल, चावल
  • लौंग, इलायची, शक्कर
  • कलावा, रोली, अक्षत
  • हलवा, पूरी, चने, खीर

क्या न करें

  • हवन नवमी तिथि रहते ही पूरा करें।
  • राहुकाल में हवन शुरू न करें।
  • हवन की अग्नि पर पानी डालकर न बुझाएँ; उसे अपने आप शांत होने दें।
  • व्रत का पारण नवमी तिथि ख़त्म होने से पहले न करें।

सवाल-जवाब

महा नवमी 2027 कब है?

महा नवमी 2027 में 8 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को है।

Maha Navami 2027 kab hai?

Maha Navami 2027: 8 October 2027, Friday (Shukravar).

यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।