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दुर्गा अष्टमी

अगली बार: गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027 (340 दिन बाद)

Durga Ashtami 2027 kab hai? 7 October 2027, Thursday (Guruvar).

नवरात्रि की अष्टमी को माँ महागौरी की पूजा और कन्या पूजन किया जाता है।

शुभ मुहूर्त: गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027

अष्टमी तिथि4:13 AM से 8 अक्टूबर, 6:27 AM
तिथि का आरंभ और समाप्ति
कन्या पूजन / अष्टमी पूजा6:17 AM से 12:09 PM
सुबह से दोपहर तक, अष्टमी तिथि रहते
संधि पूजा8 अक्टूबर, 6:03 AM से 8 अक्टूबर, 6:51 AM
अष्टमी के अंतिम 24 और नवमी के पहले 24 मिनट
अभिजीत मुहूर्त11:45 AM से 12:32 PM
दिन का सबसे शुभ समय

इस समय पूजा शुरू न करें

राहुकाल1:37 PM से 3:05 PM
यमगंड6:17 AM से 7:45 AM

सूर्योदय 6:17 AM, सूर्यास्त 6:01 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

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दुर्गा अष्टमी के मंत्र

दुर्गा मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ दुं दुर्गायै नमः ।
नवार्ण मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये📿 जाप करेंअर्थ →
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

माँ दुर्गा के सभी मंत्र →

अष्टमी पूजा और कन्या पूजन की विधि

  1. सुबह स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
  2. कलश और माँ की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएँ। अष्टमी के दिन माँ महागौरी का ध्यान करें।
  3. माँ को लाल चुनरी, सुहाग की सामग्री (चूड़ी, बिंदी, सिंदूर), रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।
  4. हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाएँ और नारियल चढ़ाएँ।
  5. दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी कवच का पाठ करें।
  6. कन्या पूजन: 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक (भैरव/लांगुर रूप) को आदर से बुलाएँ। उनके पैर धोकर आसन पर बैठाएँ, तिलक लगाएँ और कलावा बाँधें।
  7. कन्याओं को हलवा-पूरी-चने का भोजन कराएँ, फिर दक्षिणा या उपहार देकर पैर छूकर आशीर्वाद लें और विदा करें।
  8. जिन घरों में संधि पूजा की परंपरा है, वे अष्टमी-नवमी के संधि काल में माँ चामुंडा की पूजा, 108 दीपक और 108 कमल के फूल अर्पित करते हैं।
  9. अंत में आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।

पूजा सामग्री

  • लाल चुनरी
  • सुहाग सामग्री (चूड़ी, बिंदी, सिंदूर)
  • रोली, अक्षत, कलावा
  • लाल फूल
  • नारियल
  • हलवा, पूरी, काले चने
  • घी, दीपक, धूप
  • कन्याओं के लिए दक्षिणा / उपहार
  • आसन और पानी का लोटा (पैर धोने के लिए)

क्या न करें

  • राहुकाल में पूजा या कन्या पूजन शुरू न करें।
  • व्रत रखने वाले प्याज़, लहसुन और तामसिक भोजन से दूर रहें।
  • कन्या पूजन में कन्याओं को ज़बरदस्ती खाना न खिलाएँ; जितना वे चाहें उतना ही दें।
  • कई परिवार कन्या पूजन नवमी को करते हैं; अपने घर की परंपरा मानें।

सवाल-जवाब

दुर्गा अष्टमी 2027 कब है?

दुर्गा अष्टमी 2027 में 7 अक्टूबर 2027, गुरुवार को है।

Durga Ashtami 2027 kab hai?

Durga Ashtami 2027: 7 October 2027, Thursday (Guruvar).

यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।