अक्षय तृतीया
अगली बार: रविवार, 9 मई 2027 (189 दिन बाद)
अक्षय तृतीया 2027 kab hai? 9 May 2027, Sunday (Ravivar).
वैशाख शुक्ल तृतीया को किया गया दान-पुण्य अक्षय माना जाता है। यह दिन शुभ कार्यों के लिए विशेष माना जाता है।
शुभ मुहूर्त: रविवार, 9 मई 2027
| तृतीया तिथि | 8 मई, 11:43 AM से 9:03 AM तिथि का आरंभ और समाप्ति |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:50 AM से 12:44 PM दिन का सबसे शुभ समय |
इस समय पूजा शुरू न करें
| राहुकाल | 5:20 PM से 7:00 PM |
|---|---|
| यमगंड | 12:17 PM से 1:58 PM |
सूर्योदय 5:34 AM, सूर्यास्त 7:00 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
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अक्षय तृतीया के मंत्र
माँ लक्ष्मी
लक्ष्मी मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ।
महालक्ष्मी मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ।
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः ॥
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः ॥
लक्ष्मी गायत्री मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि ।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
भगवान विष्णु
वासुदेव द्वादशाक्षर मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।
नारायण अष्टाक्षर मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ नमो नारायणाय ।
विष्णु गायत्री मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि ।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
माँ लक्ष्मी की पूजा विधि
- घर और पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ़ करें।
- चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माँ लक्ष्मी और गणेश जी स्थापित करें।
- कलश स्थापना करें और दीपक जलाएँ।
- कमल या लाल फूल, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें, खीर या मिठाई का भोग लगाएँ।
- लक्ष्मी मंत्र और चालीसा का पाठ करके आरती करें।
पूजा सामग्री
- लाल कपड़ा और चौकी
- कलश
- कमल या लाल फूल
- कुमकुम
- अक्षत
- घी का दीपक
- खीर या मिठाई
- सिक्के
- धूप
सवाल-जवाब
अक्षय तृतीया 2027 कब है?
अक्षय तृतीया 2027 में 9 मई 2027, रविवार को है।
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

