श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:46 PMIST
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महालक्ष्मी मंत्र

माँ लक्ष्मी · शुक्रवार

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ।
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः ॥

Om shrim hrim shrim kamale kamalalaye prasida prasida |
shrim hrim shrim Om mahalakshmyai namah ||

अर्थ

हे कमल पर विराजने वाली, कमल में निवास करने वाली माँ! प्रसन्न हों, प्रसन्न हों; महालक्ष्मी को नमस्कार।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

दिवाली, धनतेरस और शुक्रवार को यह मंत्र विशेष रूप से जपा जाता है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; गुलाबी, सफ़ेद, लाल रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. उत्तर दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और माँ लक्ष्मी का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; शुक्रवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
  6. जाप के बाद चावल जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

महालक्ष्मी मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से शुक्रवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

महालक्ष्मी मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।

महालक्ष्मी मंत्र का अर्थ क्या है?

हे कमल पर विराजने वाली, कमल में निवास करने वाली माँ! प्रसन्न हों, प्रसन्न हों; महालक्ष्मी को नमस्कार।

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