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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:34 PMIST
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शिव पंचाक्षर मंत्र

भगवान शिव · सोमवार

ॐ नमः शिवाय ।

Om namah shivaya |

अर्थ

मंगलमय भगवान शिव को नमस्कार। "न-मः-शि-वा-य" ये पाँच अक्षर पंचाक्षर कहलाते हैं।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

यह सबसे सरल और सबसे प्रसिद्ध शिव मंत्र है; इसे कोई भी, कभी भी जप सकता है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; सफ़ेद, हल्का नीला रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और भगवान शिव का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; सोमवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
  6. जाप के बाद दूध जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

शिव पंचाक्षर मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से सोमवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

शिव पंचाक्षर मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।

शिव पंचाक्षर मंत्र का अर्थ क्या है?

मंगलमय भगवान शिव को नमस्कार। "न-मः-शि-वा-य" ये पाँच अक्षर पंचाक्षर कहलाते हैं।

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