श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:34:17 PMIST
रामकृपासनातन भक्ति का संपूर्ण संग्रह
होम › व्रत कथा › अपरा एकादशी व्रत कथा

अपरा एकादशी व्रत कथा

अगली अपरा एकादशी: 1 जून 2027 (मंगलवार) को, दिल्ली के समय से। पारण 2 जून को 5:23 AM से 8:09 AM के बीच। सभी एकादशी →

भगवान विष्णु · व्रत कथा · पौराणिक कथा (रामकृपा द्वारा सरल हिंदी सार)

व्रत कथा

अपरा एकादशी व्रत कथा

भगवान विष्णु
रचना: पौराणिक कथा (रामकृपा द्वारा सरल हिंदी सार)
पन्ना पलटें →
अपरा एकादशी व्रत कथा
अपरा एकादशी व्रत कथा

महीध्वज नाम के एक धर्मात्मा राजा थे। उनके छोटे भाई वज्रध्वज ने ईर्ष्या में उनकी हत्या करके शरीर को एक पीपल के पेड़ के नीचे गाड़ दिया।

अकाल मृत्यु के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर उसी पेड़ पर रहने लगी और आने-जाने वालों को परेशान करने लगी।

एक दिन धौम्य ऋषि वहाँ से गुज़रे। उन्होंने तप के बल से सब जान लिया और स्वयं ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी, यानी अपरा एकादशी का व्रत करके उसका पुण्य राजा की आत्मा को दे दिया।

पन्ना 1–2 / 4
पूरा पाठ एक पेज पर पढ़ें

अपरा एकादशी व्रत कथा महीध्वज नाम के एक धर्मात्मा राजा थे। उनके छोटे भाई वज्रध्वज ने ईर्ष्या में उनकी हत्या करके शरीर को एक पीपल के पेड़ के नीचे गाड़ दिया।

अकाल मृत्यु के कारण राजा की आत्मा प्रेत बनकर उसी पेड़ पर रहने लगी और आने-जाने वालों को परेशान करने लगी।

एक दिन धौम्य ऋषि वहाँ से गुज़रे। उन्होंने तप के बल से सब जान लिया और स्वयं ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी, यानी अपरा एकादशी का व्रत करके उसका पुण्य राजा की आत्मा को दे दिया।

इससे राजा प्रेत योनि से मुक्त हो गए। अपरा का अर्थ है अपार पुण्य देने वाली।

व्रत की सामान्य विधि दशमी की रात हल्का सात्त्विक भोजन करें और एकादशी की सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी, धूप-दीप और फल अर्पित करके कथा सुनें या पढ़ें। दिन भर अन्न न खाएँ; स्वास्थ्य के अनुसार फल, दूध या केवल जल लें। रात को भजन-कीर्तन करें। अगले दिन द्वादशी को पारण के समय में ब्राह्मण या ज़रूरतमंद को भोजन-दान देकर व्रत खोलें।

परिचय

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी, अपरा एकादशी की कथा और व्रत विधि, सरल हिंदी में।

महत्व

पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस व्रत और कथा से पापों का नाश और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।

सवाल-जवाब

अपरा एकादशी कब है?

1 जून 2027 (मंगलवार) को, दिल्ली के समय से। पारण 2 जून को 5:23 AM से 8:09 AM के बीच।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

परंपरा में एकादशी पर चावल और अनाज नहीं खाए जाते। फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू और सेंधा नमक लिया जा सकता है। निर्जला व्रत में जल भी नहीं लिया जाता। स्वास्थ्य ठीक न हो तो अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रखें।