श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:15 PMIST
रामकृपासनातन भक्ति का संपूर्ण संग्रह
होम › त्योहार › धनतेरस

धनतेरस

अगली बार: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 (5 दिन बाद)

Dhanteras 2026 kab hai? 6 November 2026, Friday (Shukravar). Puja Muhurat (दिल्ली): 6:02 PM – 7:58 PM

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धन्वंतरि और कुबेर की पूजा होती है, और दीपावली उत्सव शुरू होता है।

शुभ मुहूर्त: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

त्रयोदशी तिथि10:30 AM से 7 नवंबर, 10:48 AM
तिथि का आरंभ और समाप्ति
🪔 धनतेरस पूजा मुहूर्त6:02 PM से 7:58 PM
प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न, त्रयोदशी तिथि रहते
प्रदोष काल5:32 PM से 8:09 PM
सूर्यास्त के बाद का समय
वृषभ काल (स्थिर लग्न)6:02 PM से 7:58 PM
स्थिर लग्न में पूजा से लक्ष्मी स्थिर रहती हैं, ऐसी मान्यता है
यम दीपदान5:32 PM से 8:09 PM
प्रदोष काल में घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक
ख़रीदारी का शुभ समय10:30 AM से 7 नवंबर, 10:48 AM
त्रयोदशी तिथि में, राहुकाल छोड़कर
अभिजीत मुहूर्त11:42 AM से 12:26 PM
दिन का सबसे शुभ समय

इस समय पूजा शुरू न करें

राहुकाल10:42 AM से 12:04 PM
यमगंड2:48 PM से 4:10 PM

सूर्योदय 6:36 AM, सूर्यास्त 5:32 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

धनतेरस के वॉलपेपर और शुभकामना कार्ड

HD डाउनलोड करें या अपना नाम लगाकर WhatsApp स्टेटस के लिए कार्ड बनाएँ।

धनतेरस के मंत्र

लक्ष्मी मूल मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ।
महालक्ष्मी मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ।
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः ॥
लक्ष्मी गायत्री मंत्र📿 जाप करेंअर्थ →
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि ।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥

माँ लक्ष्मी के सभी मंत्र →

धनतेरस पूजा और यम दीपदान की विधि

  1. सुबह घर और मुख्य द्वार की सफ़ाई करें; दरवाज़े पर रंगोली और तोरण लगाएँ।
  2. शुभ समय में नया बर्तन, चाँदी या कोई उपयोगी धातु की वस्तु ख़रीदने की परंपरा है; कई लोग धनिया के बीज और झाड़ू भी ख़रीदते हैं।
  3. शाम को पूजा मुहूर्त में चौकी पर भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी, श्री गणेश और कुबेर जी का चित्र रखें।
  4. घी का दीपक जलाकर रोली, अक्षत, फूल, धनिया और मिठाई अर्पित करें; ख़रीदे गए नए बर्तन या सिक्के की भी पूजा करें।
  5. भगवान धन्वंतरि से परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें, क्योंकि यह दिन धन्वंतरि जयंती भी है।
  6. यम दीपदान: प्रदोष काल में आटे का चौमुखा दीपक सरसों के तेल से जलाकर घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखें। मान्यता है कि इससे परिवार अकाल मृत्यु के भय से बचा रहता है।
  7. अंत में लक्ष्मी जी और कुबेर जी की आरती करें।

पूजा सामग्री

  • भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी, गणेश, कुबेर का चित्र
  • घी और सरसों का तेल
  • मिट्टी के दीपक और आटे का चौमुखा दीपक
  • रोली, अक्षत, कलावा
  • फूल और माला
  • धनिया के बीज
  • खील-बताशे, मिठाई
  • नया बर्तन या सिक्का

क्या न करें

  • राहुकाल में ख़रीदारी या पूजा शुरू न करें।
  • इस दिन उधार देने से बचने की परंपरा है।
  • यम का दीपक घर के अंदर नहीं, बाहर दक्षिण दिशा में रखें; बच्चों को आग से दूर रखें।

सवाल-जवाब

धनतेरस 2026 कब है?

धनतेरस 2026 में 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। दिल्ली में 🪔 धनतेरस पूजा मुहूर्त 6:02 PM से 7:58 PM तक है।

Dhanteras 2026 kab hai?

Dhanteras 2026: 6 November 2026, Friday (Shukravar). Puja Muhurat (दिल्ली): 6:02 PM – 7:58 PM.

यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।