परिचय
हनुमान जी के बारह नामों का स्तोत्र, हर नाम के अर्थ के साथ।
महत्व
परंपरा के अनुसार सुबह, रात और यात्रा से पहले इसका पाठ भय दूर करता है।
पाठ विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और हनुमान जी के चित्र या मूर्ति के सामने बैठें।
- घी का दीपक और धूप जलाएँ, फूल और भोग अर्पित करें।
- पहले श्री गणेश का स्मरण करें, फिर शांत मन से, स्पष्ट उच्चारण के साथ पूरा पाठ करें।
- पाठ के बाद हनुमान जी का मंत्र या आरती करके प्रसाद बाँटें।
- मंगलवार और शनिवार को इस पाठ का विशेष महत्व माना जाता है; चाहें तो 11, 21 या 40 दिन का संकल्प लेकर रोज़ पढ़ें।
