रामाय रामभद्राय
श्री राम · मंगलवार
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे ।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥
ramaya ramabhadraya ramachandraya vedhase |
raghunathaya nathaya sitayah pataye namah ||
अर्थ
राम, रामभद्र, रामचंद्र, सृष्टिकर्ता, रघुवंश के स्वामी, सबके नाथ, माता सीता के पति को नमस्कार।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
यह राम रक्षा स्तोत्र का 27वाँ श्लोक है; इसे अलग से भी जपा जाता है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; पीला, केसरिया रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और श्री राम का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; मंगलवार को इसका विशेष महत्व है।
- रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
- जाप के बाद अन्न जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
रामाय रामभद्राय कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से मंगलवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
रामाय रामभद्राय कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।
रामाय रामभद्राय का अर्थ क्या है?
राम, रामभद्र, रामचंद्र, सृष्टिकर्ता, रघुवंश के स्वामी, सबके नाथ, माता सीता के पति को नमस्कार।
