परिचय
गोस्वामी तुलसीदास की विनय पत्रिका की प्रसिद्ध राम स्तुति, जो आरती के रूप में गाई जाती है।
महत्व
राम नवमी और सुंदरकांड के पाठ के बाद।
पाठ विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और श्री राम के चित्र या मूर्ति के सामने बैठें।
- घी का दीपक और धूप जलाएँ, फूल और भोग अर्पित करें।
- पहले श्री गणेश का स्मरण करें, फिर शांत मन से, स्पष्ट उच्चारण के साथ पूरा पाठ करें।
- आरती की थाली को भगवान के सामने घड़ी की दिशा में घुमाते हुए गाएँ, फिर सबको आरती दें।
- मंगलवार को इस पाठ का विशेष महत्व माना जाता है; चाहें तो 11, 21 या 40 दिन का संकल्प लेकर रोज़ पढ़ें।
