श्रीराम राम रामेति
श्री राम · मंगलवार
श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥
shrirama rama rameti rame rame manorame |
sahasranama tattulyam ramanama varanane ||
अर्थ
भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं: हे सुंदर मुख वाली! मैं "राम राम राम" कहकर मनोहर राम में रमता हूँ; यह राम नाम विष्णु सहस्रनाम के बराबर है।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
मान्यता है कि यह श्लोक तीन बार पढ़ने से विष्णु सहस्रनाम के पाठ का फल मिलता है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; पीला, केसरिया रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और श्री राम का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; मंगलवार को इसका विशेष महत्व है।
- रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
- जाप के बाद अन्न जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
श्रीराम राम रामेति कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से मंगलवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
श्रीराम राम रामेति कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।
श्रीराम राम रामेति का अर्थ क्या है?
भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं: हे सुंदर मुख वाली! मैं "राम राम राम" कहकर मनोहर राम में रमता हूँ; यह राम नाम विष्णु सहस्रनाम के बराबर है।
