गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
अगली बार: मंगलवार, 10 नवंबर 2026 (9 दिन बाद)
Govardhan Puja (Annakut, Pareva) 2026 kab hai? 10 November 2026, Tuesday (Mangalvar). Puja ka Samay (दिल्ली): 6:39 AM – 8:49 AM
दीपावली के अगले दिन श्री कृष्ण के गोवर्धन धारण की स्मृति में अन्नकूट बनाया जाता है।
शुभ मुहूर्त: मंगलवार, 10 नवंबर 2026
| प्रतिपदा तिथि | 9 नवंबर, 12:32 PM से 2:00 PM तिथि का आरंभ और समाप्ति |
|---|---|
| प्रातः काल पूजा मुहूर्त | 6:39 AM से 8:49 AM प्रतिपदा तिथि में |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:43 AM से 12:26 PM दिन का सबसे शुभ समय |
इस समय पूजा शुरू न करें
| राहुकाल | 2:47 PM से 4:08 PM |
|---|---|
| यमगंड | 9:22 AM से 10:43 AM |
सूर्योदय 6:39 AM, सूर्यास्त 5:30 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
गोवर्धन पूजा के वॉलपेपर और शुभकामना कार्ड
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गोवर्धन पूजा के मंत्र
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ॥
प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः ॥
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की विधि
- सुबह आँगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएँ और उसे फूलों, दीपक और खील से सजाएँ।
- शुभ मुहूर्त में गोवर्धन जी की पूजा करें: रोली, अक्षत, दूध, दही, फूल और मिठाई अर्पित करें।
- परिवार के साथ गोवर्धन की सात परिक्रमा करने की परंपरा है।
- अन्नकूट: कई तरह की सब्ज़ियाँ, कढ़ी-चावल, पूरी और मिठाइयाँ बनाकर श्री कृष्ण को भोग लगाएँ और सबको प्रसाद बाँटें।
- इस दिन गायों की पूजा और सेवा भी की जाती है; उन्हें गुड़ और चारा खिलाएँ।
- कथा का सार: ब्रजवासियों को इंद्र के क्रोध की वर्षा से बचाने के लिए श्री कृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठाए रखा था।
पूजा सामग्री
- गोबर (गोवर्धन बनाने के लिए)
- फूल, रोली, अक्षत
- दूध, दही, शहद
- दीपक, घी
- अन्नकूट के पकवान
- खील-बताशे
- गायों के लिए गुड़ और चारा
क्या न करें
- पूजा राहुकाल में शुरू न करें।
- भोग में प्याज़-लहसुन वाला भोजन न रखें।
सवाल-जवाब
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 2026 में 10 नवंबर 2026, मंगलवार को है। दिल्ली में प्रातः काल पूजा मुहूर्त 6:39 AM से 8:49 AM तक है।
Govardhan Puja (Annakut, Pareva) 2026 kab hai?
Govardhan Puja (Annakut, Pareva) 2026: 10 November 2026, Tuesday (Mangalvar). Puja ka Samay (दिल्ली): 6:39 AM – 8:49 AM.
परेवा क्या है?
दिवाली के अगले दिन की तिथि, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा, को उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जगह परेवा या पड़वा कहा जाता है। इसी दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट होता है।
विश्वकर्मा पूजा कब होती है?
उत्तर भारत में कई जगह, खासकर कारखानों, दुकानों और औज़ारों से काम करने वालों के यहाँ, विश्वकर्मा पूजा दिवाली के अगले दिन यानी गोवर्धन पूजा के दिन की जाती है। पूर्वी भारत में यह पूजा आमतौर पर 17 सितंबर को होती है।
अन्नकूट में क्या बनता है?
अन्नकूट का अर्थ है अन्न का ढेर। इस दिन कई तरह की सब्ज़ियाँ मिलाकर बनी अन्नकूट की सब्ज़ी, कढ़ी, चावल, पूरी और मिठाइयाँ बनाकर भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाया जाता है।
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

