वासुदेव मंत्र
श्री कृष्ण · बुधवार
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।
Om namo bhagavate vasudevaya |
अर्थ
भगवान वासुदेव श्री कृष्ण को नमस्कार।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
जन्माष्टमी और एकादशी पर इसका 108 बार जाप किया जाता है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; पीला, मोरपंखी रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और श्री कृष्ण का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; बुधवार को इसका विशेष महत्व है।
- रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
- जाप के बाद माखन-मिश्री जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
वासुदेव मंत्र कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से बुधवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
वासुदेव मंत्र कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।
वासुदेव मंत्र का अर्थ क्या है?
भगवान वासुदेव श्री कृष्ण को नमस्कार।
