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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:55 PMIST
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सरस्वती मूल मंत्र

माँ सरस्वती · बुधवार

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ।

Om aim sarasvatyai namah |

अर्थ

"ऐं" माँ सरस्वती का बीज अक्षर है; माँ सरस्वती को नमस्कार।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

पढ़ाई शुरू करने से पहले इसका जाप शुभ माना जाता है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; सफ़ेद, पीला रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और माँ सरस्वती का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; बुधवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
  6. जाप के बाद किताबें जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

सरस्वती मूल मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से बुधवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

सरस्वती मूल मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।

सरस्वती मूल मंत्र का अर्थ क्या है?

"ऐं" माँ सरस्वती का बीज अक्षर है; माँ सरस्वती को नमस्कार।

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