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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:34:09 PMIST
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सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु)

माँ सरस्वती · स्तोत्र

स्तोत्र

सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु)

माँ सरस्वती
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सरस्वती वंदना (या कुन्देन्दु)

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥१॥

दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालां दधाना
हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण।
भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना
सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना ॥२॥

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या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥१॥

दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालां दधाना
हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण।
भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना
सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना ॥२॥

सुरासुरसेवितपादपङ्कजा
करे विराजत्कमनीयपुस्तका।
विरिञ्चिपत्नी कमलासनस्थिता
सरस्वती नृत्यतु वाचि मे सदा ॥३॥

सरस्वती सरसिजकेसरप्रभा
तपस्विनी सितकमलासनप्रिया।
घनस्तनी कमलविलोललोचना
मनस्विनी भवतु वरप्रसादिनी ॥४॥

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥५॥

🔤 Read in English (Roman lyrics)

ya kundendutusharaharadhavala ya shubhravastravrita
ya vinavaradandamanditakara ya shvetapadmasana|
ya brahmachyutashankaraprabhritibhirdevaih sada vandita
sa mam patu sarasvati bhagavati nihsheshajadyapaha ||1||

dorbhiryukta chaturbhih sphatikamaninibhairakshamalam dadhana
hastenaikena padmam sitamapi cha shukam pustakam chaparena|
bhasa kundendushankhasphatikamaninibha bhasamana'samana
sa me vagdevateyam nivasatu vadane sarvada suprasanna ||2||

surasurasevitapadapankaja
kare virajatkamaniyapustaka|
virinchipatni kamalasanasthita
sarasvati nrityatu vachi me sada ||3||

sarasvati sarasijakesaraprabha
tapasvini sitakamalasanapriya|
ghanastani kamalavilolalochana
manasvini bhavatu varaprasadini ||4||

sarasvati namastubhyam varade kamarupini|
vidyarambham karishyami siddhirbhavatu me sada ||5||

यह पाठ देवनागरी से अपने आप रोमन अक्षरों में बदला गया है। सही उच्चारण के लिए देवनागरी पाठ को आधार मानें।

परिचय

माँ सरस्वती के ध्यान और वंदना के प्रसिद्ध श्लोक, जो स्कूलों में भी गाए जाते हैं।

महत्व

पढ़ाई शुरू करने से पहले और वसंत पंचमी पर।

पाठ विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें और माँ सरस्वती के चित्र या मूर्ति के सामने बैठें।
  2. घी का दीपक और धूप जलाएँ, फूल और भोग अर्पित करें।
  3. पहले श्री गणेश का स्मरण करें, फिर शांत मन से, स्पष्ट उच्चारण के साथ पूरा पाठ करें।
  4. पाठ के बाद माँ सरस्वती का मंत्र या आरती करके प्रसाद बाँटें।
  5. बुधवार को इस पाठ का विशेष महत्व माना जाता है; चाहें तो 11, 21 या 40 दिन का संकल्प लेकर रोज़ पढ़ें।